नई दिल्ली, मार्च 11 -- रेप केस में सुनवाई कर रहे कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि कानून दिल टूटने को अपराध नहीं मानता है। साथ ही कहा है कि सहमति से बने संबंधों के बाद अगर शादी से इनकार किया जाता है, तो यह दुखद है लेकिन इसे बलात्कार नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कानून में शादी के झूठे वादे को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। साथ ही इस बात पर भी गौर किया गया था कि संबंध विदेश में बने थे।समझें केस क्या था एक महिला की तरफ से पुरुष के खिलाफ बलात्कार की शिकायत दर्ज कराई गई थी। दोनों पक्ष आयरलैंड में मिले और करीब 2 सालों तक रिलेशन में रहे। शिकायतकर्ता अपनी पिछली शादी में परेशानी का सामना कर रही थी और उनका एक 7 साल का बच्चा भी है। वह आरोपी के साथ लिव इन रिलेशन में रह रहीं थीं। बाद में रिश्ता नहीं चला और जब आरोपी भारत पहुंचा, तो उसने शिकायतकर्ता से बातचीत ...