हल्द्वानी, सितम्बर 3 -- आपने कुछ दिन पहले दिल्ली एम्स की खबर पढ़ी होगी। एक परिवार को अपनी बेटी की हार्ट सर्जरी के लिए 14 साल इंतजार करना पड़ा। फिर भी इलाज नहीं मिल पाया। बेटी ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। उत्तराखंड में भी इलाज 'भगवान भरोसे' चल रहा है। यदि कान का ऑपरेशन कराना है, तो एक साल बाद की तारीख मिल रही है। थॉयराइड के ऑपरेशन के लिए 6 महीने की वेटिंग चल रही है। ये हाल कुमाऊं के सबसे बड़े डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल का है। यहां वर्तमान में 1,000 से अधिक मरीज ऑपरेशन की प्रतीक्षा सूची में हैं। टॉन्सिल और थायराइड के ऑपरेशन के लिए भी मरीजों को चार से छह महीने तक का इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल में नाक, कान और गला रोगों से पीड़ित मरीजों की ओपीडी में रोजाना उमड़ रही भीड़ के कारण सर्जरी की वेटिंग लिस्ट लगातार लंबी होती जा रही है। एसटीएच...