नई दिल्ली, मार्च 23 -- नई दिल्ली, प्र.सं.। दिल्ली उच्च न्यायालय ने जामिया मिलिया इस्लामिया द्वारा एक वरिष्ठ प्रोफेसर के खिलाफ कार्यस्थल पर एक स्वच्छता शौचालय तक पहुंच से जुड़ी शिकायत पर शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को रद्द कर दिया है। इस कार्रवाई में प्रोफेसर सुजाता ऐश्वर्या को लिखकर माफी मांगने का निर्देश दिया गया था। न्यायमूर्ति संजीव नरूला की पीठ ने कहा है कि विश्वविद्यालय का जवाब साफ तौर पर बेतुका और कानूनी तौर पर टिकने लायक नहीं है। याचिकाकर्ता ने सेंटर फॉर वेस्ट एशियन स्टडीज में एक अलग महिला शौचालय बनाने की मांग की थी। लेकिन शिकायत को असल में देखने के बजाय विश्वविद्यालय ने प्रोफेसर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी थी। पीठ ने विश्वविद्यालय के इस तरीके की आलोचना की। पीठ ने कहा कि जब कोई महिला कर्मचारी ऐसे मुद्दे उठाए तो उ...