नई दिल्ली, मार्च 10 -- दिल्ली की साकेत जिला अदालत ने मेट्रो ट्रेन के अंदर एक महिला के साथ सेक्शुअल हैरेसमेंट करने के लिए एक दोषी की सजा को बरकरार रखा है। एडिशनल सेशंस जज हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी की अदालत ने मोहम्मद ताहिर की उस अपील को खारिज कर दिया जिसमें उसने अपनी सजा को चुनौती दी थी। अदालत ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट में आने-जाने वाली महिलाओं की सुरक्षा पक्का करने के लिए कदम उठाने का भी निर्देश दिया है।निचली अदालत का फैसला बरकरार मोहम्मद ताहिर को पुराने इंडियन पीनल कोड के सेक्शन 354 (महिला की इज्जत खराब करने के इरादे से हमला) और 354A (सेक्शुअल हैरेसमेंट) के तहत सजा सुनाई गई थी। एडिशनल सेशंस जज हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी की अदालत ने 24 मई, 2025 की सजा के फैसले और ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट-क्लास छाया त्यागी के 6 अक्टूबर, 2025 के सजा के आदेश को बरक...
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