नई दिल्ली, अक्टूबर 30 -- दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) की बड़े पैमाने पर तैनाती को बार-बार बढ़ाए जाने को चुनौती दी गई है। रिटायर्ड वरिष्ठ सिविल सेवक आशीष जोशी ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है। वकील अंबुज दीक्षित और अमरीश रंजन पांडे के माध्यम से दायर इस याचिका में राष्ट्रीय राजधानी में तैनात इन बलों की तैनाती के कानूनी और प्रशासनिक आधार की न्यायिक समीक्षा की मांग की गई है। इसमें तैनाती की जरूरत, आनुपात, अवधि और समय-समय पर की जाने वाली समीक्षा जैसे पहलू शामिल हैं। याचिकाकर्ता ने उन रिपोर्टों का हवाला दिया है जिनके अनुसार, शुरुआत में 301 कंपनियों को मंजूरी दी गई थी। फिर 273 कंपनियों को 31 अक्टूबर 2026 तक बनाए रखा...