नई दिल्ली, मार्च 28 -- नेताओं और नौकरशाहों के खिलाफ दर्ज होने वाले भ्रष्टाचार के मामले सालों तक अदालत में लंबित नहीं रहेंगे। भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए 'विशेष अदालत' का गठन किया जा रहा है, जो लोकपाल की सिफारिश पर नेताओं और नौकरशाहों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की सुनवाई एक साल में पूरी करके अपना फैसला सुनाएगी। दिल्ली हाईकोर्ट की सहायता और परामर्श से जल्द ही देश की राजधानी में लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम के प्रावधानों के तहत विशेष अदालतें गठित की जाएंगी। मुकदमों के बोझ से दबी इन अदालत में सालों तक मामले लंबित रहते हैं। भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए अब लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम 2013 की धारा 35 के तहत विशेष अदालत का गठन किया जा रहा है। इस विशेष अदालत में नेताओं और नौकरशाहों के खिलाफ लोकपाल की मंजूरी से चलने वाले भ्रष्टाचार के मामलों की सुन...