नई दिल्ली, अक्टूबर 2 -- अभिनव उपाध्याय, नई दिल्ली राजधानी दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन के साधनों में महिलाओं को यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। इसके कारण बड़ी संख्या में महिलाओं को अपने सफर का समय, रास्ता और परिवहन का साधन तक बदलना पड़ रहा है। यह खुलासा अंतरराष्ट्रीय जर्नल 'द ओरिएंटल एंथ्रोपोलॉजिस्ट' में जुलाई में प्रकाशित शोधपत्र 'द इफेक्ट्स ऑफ सेक्सुअल हैरेसमेंट इन पब्लिक ट्रांजिट स्पेसेज ऑन ट्रैवल बिहेवियर एंड वेल-बीइंग ऑफ यंग वुमन: एक्सपीरियंसेज फ्रॉम दिल्ली सिटी, इंडिया' में हुआ है। यह शोधपत्र बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के शोधार्थी अटल द्विवेदी और रूही रावत ने तथा दून विश्वविद्यालय के शोधकर्ता अनिरुद्ध कुमार यादव सहित अन्य शोधार्थियों ने लिखा है। यह भी पढ़ें- गर्दन पर चाकू रखा और बारी-बारी...; कालकाजी गैंगरेप पीड़िता की आपबीती दह...