नई दिल्ली, अप्रैल 25 -- राघव चढ्ढा समेत सात राज्यसभा सांसदों का आम आदमी पार्टी से विदा लेना पार्टी के लिए बड़ा झटका है। पंजाब के विधानसभा चुनावों के साथ दिल्ली में भी पार्टी की दिक्कत बढ़ सकती है। बड़े नेताओं के जाने के बाद अब छोटे स्तर पर भी दल बदल बढ़ सकता है। अगले वर्ष दिल्ली नगर निगम चुनावों तक पार्टी को राजधानी में एकजुट रखना बड़ी चुनौती होगी। वर्ष 2025 में आम आदमी पार्टी दिल्ली की सत्ता से बाहर हुई तो यहां के सभी बड़े नेताओं को पंजाब में लगा दिया गया। आम आदमी पार्टी के बड़े नेता पंजाब का किला बचाने में जुट गए। विधानसभा चुनाव से पहले राज्यसभा सांसदों के दल-बदल ने पार्टी को मुसीबत में ला दिया है। अपने गठन के बाद से आप को छोड़ने वाले नेताओं की कमी नहीं रही। लगभग हर वर्ष किसी बड़े नेता ने आम आदमी पार्टी को छोड़ा है, लेकिन पहली बार सात स...
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