नई दिल्ली, मार्च 11 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता दिल्ली में बैठ कर गरीबी का एहसास करना संभव नहीं है। भारत सरकार द्वारा देश में करीब 80 करोड़ लाभार्थियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत नि:शुल्‍क खाद्यान्न उपलब्ध करवाया जा रहा है। देश धीरे-धीरे दरिद्रता से बाहर निकलने का प्रयास कर रहा है। उक्त बातें डीयू के कुलपति प्रो.योगेश सिंह ने अष्टलक्ष्मी दर्शन यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत आईआईएम शिलांग (मेघालय) जा कर आए दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ संवाद में कही। डीयू कुलपति ने विकसित भारत के संकल्प को लेकर सभी विद्यार्थियों से उनके विचार और सुझाव सुने और कहा कि हम सभी को विकसित भारत 2047 को केंद्र में रख कर कार्य करना है। अगले 20 वर्ष तक सरकार और देश का ध्यान आर्थिक ग्रोथ पर केन्द्रित होना चाहिए। विकसित भारत के...