राजीव शर्मा, सितम्बर 2 -- दिल्ली में एसआईआर के दौरान बदले मतदाताओं के आंकड़े आने वाले समय में राजधानी के राजनीतिक समीकरणों में बड़े बदलाव कर सकती है। दिल्ली में अधिकांश ऐसी सीटें हैं जहां मतदाताओं की संख्या हार-जीत के अंतर से ज्यादा कम हो गई है। यानी राजनीतिक दलों को इन सीटों पर फिर से समर्थक मतदाताओं का आकलन कर अपने लिए सियासी जमीन तैयार करनी पड़ सकती है। एसआईआर की मसौदा मतदाता सूची में जारी विधानसभा क्षेत्रों के आंकड़ों के मुताबिक ओखला, बदरपुर, विकासपुरी, तुगलकाबाद, करावल नगर, छतरपुर, संगम विहार, कालकाजी समेत कई अन्य ऐसी सीटें हैं जहां 77 हजार से लेकर 1.63 लाख तक मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हो गए हैं। हालांकि, मतदाताओं के नाम सूची से बाहर होने को सीधे तौर पर किसी एक दल के समर्थकों का बाहर होना नहीं माना जा रहा है, लेकिन ये आंकड़े बताते...