हेमलता कौशिक, अप्रैल 22 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को ओपन जेल बनाने के लिए एक ठोस योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि सरकार उन कैदियों की पहचान करे जिन्हें इन संस्थानों में भेजा जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, इसके प्रबंधन के लिए एक निगरानी समिति बनाई जाएगी। खुली जेलों का उद्देश्य कैदियों के मनोवैज्ञानिक तनाव को कम करना और उन्हें दिन में बाहर काम करने की अनुमति देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। हाई कोर्ट ने सरकार को इस प्रक्रिया के लिए दो महीने का समय दिया है। अगली सुनवाई जुलाई में तय की है। मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने बुधवार को राज्य सरकार के अधिकारियों से कहा कि वे खुला सुधारक संस्थान (खुली जेल) के लिए एक मसौदा तैयार करे। साथ ही वहां स्थानान्तरित किए जा...
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