दिल्ली में छाया Heat Stroke का साया! क्यों मानी जाती मेडिकल इमरजेंसी? बर्फ में डुबोकर बचाते हैं जान
नई दिल्ली, मई 21 -- Heat Stroke Cases Delhi: पश्चिम बंगाल से दिल्ली आया 24 साल का छात्र "हीट स्ट्रोक" की चपेट में आकर बेहोश हो गया। शरीर का तापमान 105 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच गया। RML अस्पताल लाया गया, जहां बर्फ के टब में 15-20 मिनट लिटाया गया। तब जाकर तापमान कम हो सका। फिलहाल ICU में वेंटिलेटर पर है। जी हां, हीट स्ट्रोक इतनी खतरनाक स्थिति है कि आपका शरीर जवाब दे सकता है। राजधानी दिल्ली में अब तक दो मामलों की पुष्टि हो चुकी है। हीट स्ट्रोक क्या है, इसके लक्षण क्या हैं, होने पर क्या करें, क्या न करें. ऐसे तमाम सवालों के जबाव जानेंगे इस रिपोर्ट में। बने रहिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ।हीट स्ट्रोक आखिर होता क्या है? हीट स्ट्रोक गर्मी से जुड़ी सबसे खतरनाक मेडिकल इमरजेंसी मानी जाती है। यह तब होता है, जब शरीर का तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता ...
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