सिद्धार्थ, जनवरी 4 -- सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी द लाइट एंड द लोटस के उद्घाटन के साथ ही भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र अवशेषों की 127 वर्षों बाद स्वदेश वापसी ने देशभर में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। प्रदर्शनी में सिद्धार्थनगर जिले के पिपरहवा (कपिलवस्तु) से जुड़े अस्थि-अवशेषों और ऐतिहासिक साक्ष्यों के दर्शन के साथ ही अब यह आवाज भी बुलंद होने लगी है कि अवशेष रत्नों को उनकी मूल भूमि पिपरहवा कपिलवस्तु में स्थाई रूप से स्थापित किया जाए। दिल्ली के मंच से उठी यह मांग सिद्धार्थनगर की ऐतिहासिक विरासत को उसका वास्तविक सम्मान दिलाने की दिशा में अहम मानी जा रही है। वहीं बुद्धभूमि को भी भगवान बुद्ध के अवशेषों का इंतजार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि भगवान बुद्ध के विचार...
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