नई दिल्ली, जुलाई 29 -- निखिल पाठक दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी जिसमें कई इलाकों में अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्या समुदाय के लोगों के रहने का आरोप लगाते हुए उन्हें वापस अपने देश भेजने की मांग की गई थी। हालांकि कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि अस्पष्ट और बिना सबूत के लगाए गए आरोपों के आधार पर कोई सामान्य निर्देश जारी नहीं किया जा सकता। याचिका में कालिंदी कुंज, बाटला हाउस, शाहीन बाग, श्रम विहार, तैमूर नगर और मजनूं का टीला जैसे इलाकों में बांग्लादेशी और रोहिंग्या समुदाय के कथित अवैध प्रवासियों के रहने का दावा किया गया था। साथ ही स्थानीय लोगों पर उन्हें शरण देने के आरोप भी लगाए गए थे। जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की पीठ ने एमए बर्नी की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इसमें लगाए गए आरोप...