नई दिल्ली, नवम्बर 6 -- वकीलों संग टकराव के बाद दिल्ली पुलिस मुख्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन करने के चलते सस्पेंड किए गए असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (एसीपी) मनस्वी वशिष्ठ ने अब अपने सस्पेंशन पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि हर कोई इस मामले को उलझाना चाहता है, लेकिन मैं सच में विश्वास रखता हूं और अंत में सत्य की ही जीत होती है। प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के तहत मेरा पक्ष भी जानना चाहिए।'मेरा पक्ष भी सुनना चाहिए था' एसीपी मनस्वी वशिष्ठ ने इंडियन एक्सप्रेस से खास बातचीत में कहा कि जब उनकी मांगें मान ली गईं, तो शुरू में मुझे खुशी नहीं हुई। मुझसे कोई सलाह नहीं ली गई, क्योंकि उनकी मांग ही मेरा सस्पेंशन थी। मैंने कुछ किया - शायद सही, शायद गलत, कोई नहीं जानता। लेकिन 'नैचुरल जस्टिस' (प्राकृतिक न्याय) के सिद्धांत के तहत एक प्रक्रिया होती है कि जिस ...