नई दिल्ली, सितम्बर 25 -- रिपोर्ट- हेमलता कौशिक दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को अधिकारियों से 1,723 पीजी (पेइंग गेस्ट) इमारतों के भविष्य के बारे में सवाल पूछा। उच्च न्यायालय ने कहा कि इनके लिए मंजूर बिल्डिंग प्लान का पता नहीं लगाया जा सका या उनका सत्यापन नहीं किया जा सका। हाई कोर्ट ने यह भी देखा कि सत्य निकेतन बिल्डिंग गिरने के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) द्वारा जिन 2,453 पीजी भवनों का सर्वे किया गया था, उनमें से केवल 730 के लिए ही योजना मंजूर कराई गई थी। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई में पूर्व IPS अधिकारी किरण बेदी को अदालत में अपना पक्ष रखने की अनुमति दे दी। दिल्ली हाईकोर्ट 6 सितंबर को सत्य निकेतन में एक पीजी बिल्डिंग गिरने के बाद इस हादसे से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। इन याचिकाओं में दिल्ली में पीजी में रहने की जगहो...