नई दिल्ली, मई 22 -- सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों के दो आरोपियों अब्दुल खालिद सैफी और तस्लीम अहमद को शुक्रवार को बड़ी राहत देते हुए उन्हें छह महीने की सशर्त अंतरिम जमानत दे दी। साथ ही इस कानूनी सवाल को बड़ी बेंच को भेज दिया कि क्या मुकदमे में देरी और लंबी कारावास की अवधि, जमानत पर लागू वैधानिक पाबंदियों को निष्प्रभावी कर सकती है। हाल के दिनों में सुप्रीम कोर्ट के दिए अलग-अलग फैसलों में सामने आए विरोधाभासों को देखते हुए बेंच ने इस मामले को एक बड़ी बेंच के पास भेज दिया। दरअसल विश्लेषण के दौरान अदालत ने पाया कि UAPA के मामलों में जमानत देने में सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेशों में स्पष्ट विरोधाभास देखने को मिला है। अदालत का यह रुख JNU के पूर्व छात्र उमर खालिद की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। दरअसल 19 मई को, दिल्ली की एक अदालत ने स...