नई दिल्ली, मार्च 12 -- नई दिल्ली, का.सं.। वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के आरोपी शाहरुख पठान को कड़कड़डूमा अदालत से राहत नहीं मिली। अदालत ने उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि पिछली बार दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा जमानत से इनकार किए जाने के बाद परिस्थितियों में कोई बदलाव नहीं आया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने कहा कि 22 अक्तूबर 2024 को हाईकोर्ट द्वारा जमानत ठुकराए जाने के बाद नया आधार सामने नहीं आया है, इसलिए निचली अदालत द्वारा जमानत देना उचित नहीं होगा। केवल डेढ़ वर्ष बीतना जमानत का आधार नहीं बन सकता। शाहरुख पठान तीन मार्च 2020 से न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद है। उसके खिलाफ जाफराबाद थाने में हत्या के प्रयास, दंगा, सरकारी कर्मचारी पर हमला और शस्त्र अधिनियम समेत कई धाराओं में मामला दर्ज है। आरोप है कि ...
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