नई दिल्ली, जनवरी 14 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। राजधानी में बीते तीन महीने से सांसों पर संकट बरकरार है। इस दौरान में एक दिन भी ऐसा नहीं रहा जब वायु गुणवत्ता का स्तर 200 से नीचे आया हो। इस बीच, बुधवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 353 अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को बेहद खराब श्रेणी में रखा जाता है। बीते साल मानसून के सीजन में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई थी। इसके चलते हवा भी खासी साफ रही थी। मानसून की वापसी के साथ ही हवा में प्रदूषक कणों का स्तर बढ़ने लगा और 14 अक्तूबर से दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई। इसके बाद से दिल्ली की वायु गुणवत्ता खराब, बहुत खराब, गंभीर या अति गंभीर श्रेणी में ही रही। एक दिन भी ऐसा नहीं रहा जब हवा में मौजूद प्रदूषक कणों का स्तर साफ-सुथरी श्रेणी में आया हो। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर...
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