नई दिल्ली, अप्रैल 5 -- Delhi News: दिल्ली में बाढ़ नियंत्रण विभाग में कार्यरत दो इंजीनियरों को 900 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में 35 साल तक मुकदमे का सामना करना पड़ा। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में सीबीआई को आरोप साबित करने में नाकाम मानते हुए तत्कालीन सहायक अभियंता (एई) वी.के. दत्ता व कनिष्ठ अभियंता (जेई) दिनेश गर्ग को भ्रष्टाचार के आरोप से बरी कर दिया है। जस्टिस चंद्रशेखरन सुधा की बेंच ने इस मामले में आरोपी इंजीनियरों को बरी करते हुए सीबीआई की विशेष अदालत को भी आड़े हाथों लिया है। बेंच ने कहा है निचली अदालत ने बेहद कमजोर सबूतों पर भरोसा किया। आरोपियों के जुर्म को साबित करने के लिए संबंधित साक्ष्य पर्याप्त नहीं थे। बेंच ने कहा कि पूरे मामले को देखने के बाद प्रतीत होता है कि यह मुदकमा शक के आधार पर चला। पुख्ता तौर पर रिश्वत लेते या देत...