नई दिल्ली, अगस्त 31 -- ये कहानी दिल्ली के एक ऐसे रेलवे स्टेशन की है जहां से कभी लाहौर के लिए ट्रेन चलती थी। दिल्ली के इस रेलवे स्टेशन पर आज भले ही खामोशी में छाई रहती है, लेकिन इसका इतिहास बेहद दर्दनाक रहा है। ये कहानी दिल्ली का लोधी कॉलोनी रेलवे स्टेशन की है, यहां अब ना तो कोई ट्रेन रूकती हैं और ना ही कोई पैंसेजर दिखता है। स्टेशन का माहौल इतना शांत है कि यहां आने पर एक अलग ही एहसास होता है। ऐसा लगता है जैसे इस जगह की खामोशी में आज भी बंटवारे के समय की दर्दनाक यादें कहीं छिपी हुई हैं। 1947 में देश के विभाजन के बाद इस स्टेशन ने ऐसे कई लोगों को देखा जो पाकिस्तान जा रहे थे।दिल्ली के इस रेलवे स्टेशन को समय ने भुला दिया लोधी कॉलोनी रेलवे स्टेशन का इतिहास 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन से जुड़ा हुआ है। 1947 के बाद से अब दिल्ली काफी बदल चुकी है ल...