दिल्ली की 91 कॉलोनियों पर खतरा, HC ने कहा- यमुना डूब क्षेत्र से अवैध निर्माण हटाएं
नई दिल्ली, जून 25 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने यमुना बाढ़ क्षेत्र में रिहायशी और व्यावसायिक गतिविधि पर रोक के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने बाढ़ क्षेत्र में अवैध निर्माण को पर्यावरण के लिए खतरा माना है। हालांकि, कोर्ट का यह आदेश 31 दिसंबर 2026 के बाद लागू होगा। जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह एवं जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को निर्देश दिए कि वह सक्षम अधिकारी से यमुना बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण कराए। साथ ही कहा कि बाढ़ क्षेत्र में रिहायशी या व्यावसायिक गतिविधि पर रोक लगाई जाए। पीठ ने सक्षम प्राधिकारी को यमुना बाढ़ क्षेत्र में अतिक्रमण और अवैध निर्माणों की सूची तैयार कर कोर्ट में पेश करने के भी निर्देश दिए। यह भी पढ़ें- दिल्ली के यमुना बाजार में घरों पर बुलडोजर ऐक्शन का खतरा, पानी कनेक्शन काटा इस मामले में डीडीए की ...
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