दिल्ली की 'नई निर्भया' संग चलती बस में हुई दरिंदगी और इलाज ना कराने की उसकी मजबूरी रुला देगी
नई दिल्ली, मई 14 -- 16 दिसंबर 2012 की रात दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में सड़क पर चलती एक बस में निर्भया के साथ जिस तरह की दरिंदगी हुई उसने पूरे देश को हिला दिया था। करीब 14 साल बाद एक बार फिर राजधानी की हमेशा व्यस्त रहने वाली सड़कों पर 30 साल की एक 'नई निर्भया' के साथ उसी तरह घटना को अंजाम दिया गया है। गनीमत है कि पीड़िता की जान बच है, पर वह जिस तरह दरिंदगी का शिकार हुई और खून से लथपथ हालत में बस से फेंके जाने के बाद भी अस्पताल में इलाज ना करा सकी, उसकी दशा और मजबूरियां रुलाने वाली हैं। घटना सोमवार रात राजधानी के रानी बाग इलाके में घटी। पीतमपुरा की झुग्गियों में गरीबी और बीमारी की मजबूरियों से संघर्ष कर रही 30 साल की पीड़िता 3 बच्चों की मां है। उसके पति टीबी की बीमारी से जूझ रहे हैं और इसलिए काम पर नहीं जा पाते। ऐसे में वह एक फैक्ट्री में ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.