नई दिल्ली, अक्टूबर 7 -- राजीव शर्मा, नई दिल्ली दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक देने के लिए सभी 13 जिलों में 65 करोड़ रुपये की 'दृष्टि' योजना के तहत आधुनिक जीआईएस सर्वे और मैपिंग होगी। केंद्र सरकार का शहरी विकास निधि इसके लिए 80 फीसदी रकम देगा जबकि बाकी 20 फीसदी खर्च दिल्ली सरकार का राजस्व विभाग वहन करेगा। सेटेलाइट तकनीक से कॉलोनियों और मकानों की सीमाएं चिन्हित कर निर्माण का ब्योरा दर्ज किया जाएगा।सभी 13 जिलों में जीआईएस सर्वे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, डीडीए, एमसीडी और राजस्व विभाग द्वारा संचालित यह पारदर्शी व्यवस्था लोगों को संपत्ति का कानूनी अधिकार तेजी से दिलाएगी। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को संपत्ति अधिकार दिलाने के लिए अब सभी 13 जिलों में जीआईएस सर्वे और मै...