नई दिल्ली, जून 19 -- दिल्ली के दक्षिणी छोर पर बसा तुगलकाबाद किला 14वीं सदी का इतिहास संजोए हुए है। जहां लाल किला पर्यटकों की भीड़ और मुगल वैभव की कहानियों से गुलजार रहता है, वहीं यह किला एक अनसुलझी पहेली सा लगता है। तुगलक वंश के संस्थापक गयासुद्दीन तुगलक द्वारा बनवाया गया यह किला कभी अपने सुनहरे टाइल्स और अपार संपत्ति के लिए मशहूर था। लेकिन आज यह बंदरों की उछल-कूद को छोड़कर सुनसान पड़ा है, जहां हवा और धूल इसके प्राचीन किले पर राज करते हैं। ये किला अब भूतिया हो चुका है।धरती के नीचे छिपा रहस्य किले की उबड़-खाबड़ जमीन के नीचे इसका सबसे अजीब रहस्य छिपा है। एक सुरंगनुमा गलियारा, जिसके दोनों ओर अंधेरी कोठरियां हैं। यह एक ऐसा गुप्त रास्ता जो आज भी रहस्य बना हुआ है। क्या यह सैनिकों की बैरक थी, घोड़ों का तबेला, राजघराने का भागने का रास्ता या फिर ज...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.