नई दिल्ली, नवम्बर 20 -- दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक बना हुआ है। अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की संख्या बढ़ रही है जो सांस लेने में तकलीफ, थकान, ब्लड प्रेशर बढ़ने और बेचैनी की शिकायत लेकर आ रही हैं।बच्चे तक पहुंच रहा है जहर डॉक्टर बता रहे हैं कि हवा में मौजूद बारीक कण PM2.5 और PM10 मां के खून में घुलकर प्लेसेंटा तक पहुंच जाते हैं। इससे बच्चे को ऑक्सीजन कम मिलती है। नतीजा समय से पहले डिलीवरी, कम वजन और भविष्य में साँस की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।अचानक शहर छोड़कर जाना सही नहीं कई महिलाएं घबराहट में दिल्ली छोड़ने का प्लान बना रही हैं, लेकिन ज्यादातर डॉक्टर इसे सही नहीं मानते। सिल्वरस्ट्रीक हॉस्पिटल की डॉ. स्वप्निल अगरहरी कहती हैं, 'यात्रा का तनाव और रास्ते में इन्फेक्शन का डर ज्यादा नुकसान कर सकता है।'ये उपाय करेंबाहर निकले...
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