नई दिल्ली, मई 12 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने डीडीए को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि यमुना के डूब वाले मैदानों पर गाड़ियों की पार्किंग या किसी भी व्यावसायिक व धार्मिक इस्तेमाल जैसी किसी भी गतिविधि की इजाजत न हो। पीठ ने कहा कि यह इलाका पारिस्थितिकी स्तर पर संवेदनशील है। साथ ही यह क्षेत्र जोन ओ में आता है। यह भी पढ़ें- यमुना किनारे पूजा-पाठ से लेकर पार्किंग तक पर पाबंदी; दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसलानिर्देश का महत्व न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा के हित में इस इलाके में सभी तरह की व्यावसायिक व धार्मिक गतिविधि पर रोक रहनी चाहिए। अगर शुभ मौकों पर नदी पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जरूरत है, तो डीडीए को यमुना के डूब वाले मैदानों से दूर दूसरी पार्किंग सुव...