नई दिल्ली, मार्च 23 -- नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता। राजधानी में कक्षा एक से आठवीं तक के 7.5 लाख ऐसे छात्रों की पहचान की है, जिनके सीखने में कमियां हैं। सरकार की ओर से पेश आर्थिक सर्वेक्षण में इसव बारे में बताया गया है। सर्वे में बताया गया है कि सितंबर 2025 में किए गए बेसलाइन सर्वे में बुनियादी साक्षरता और अंक ज्ञान में कमियों की पहचान की गई, जो शैक्षणिक हस्तक्षेप का आधार बनीं। सर्वेक्षण के अनुसार छात्रों को शुरुआती, उभरते, प्रगतिशील और कुशल चार वर्गों में वर्गीकृत किया गया है। इसमें मध्य-सत्र परीक्षाओं के बाद कक्षा दूसरी से आठवीं के लिए एससीईआरटी द्वारा विकसित रेडीनेस मॉड्यूल का उपयोग करते हुए हस्तक्षेपों को लागू किया जा रहा है।100 लैंग्वेज लैब स्थापित होंगीसर्वेक्षण में बताया है कि 2333 विशेष दाखिला केंद्र स्थापित किए गए हैं। मौजूदा शैक्...
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