एटा, मई 16 -- मेडिकल कालेज की बालरोग ओपीडी में दिमागी बुखार से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। दिमागी बुखार में रीढ़ की हड्डी की होने वाली जांच जनपद में उपलब्ध नहीं है। इस कारण चिकित्सक लक्षणों के आधार पर मरीजों को उपचार दे रहे है। बालरोग ओपीडी में प्रतिमाह तीन से चार मरीज दिमागी बुखार के आ रहे है। अभी भी दो मरीज बार्ड में भर्ती है। बालरोग चिकित्सक डा. खुशबू ने बताया कि मेनिन्जाइटिस मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के चारों ओर मौजूद सुरक्षात्मक झिल्लियों की एक गंभीर सूजन है। इससे अचानक तेज बुखार आता है। इसे एक आपातकालीन स्थिति माना जाता है। कुछ मामलों में यह कुछ ही दिनों में जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए तुरंत चिकित्सा सहायता लेना अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्तमान में भी दो-तीन बच्चे उपचार ले रहे हैं। इनमें मारहरा दरवाजा निवासी 10 वर्षीय जैनब पुत्री शर...