हाजीपुर, अप्रैल 26 -- सहदेई बुजुर्ग। सं.सू. सहदेई और देसरी क्षेत्र के आसपास की गरीब बस्तियों में निवास करने वाले लोगों की जिंदगी को प्रचंड गर्मी ने मुश्किल बना दिया है। चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों के बीच करकट की झोपड़ियों में रहना सजा से कम नहीं। सहदेई बुजुर्ग प्रखंड क्षेत्र के चैनपुर बघेल के मांझी टोला में लगी झोपड़ियां न सिर्फ दोपहर बल्कि रात में भी खाली ही रह जा रही हैं। ऐसा क्यों के सवाल पर संजय मुसहर ने बताया कि उनकी झोपड़ी टाट और प्लास्टिक से तैयार है। कुछ लोग रहर की बाती (डंठल) से और कुछ बोरी से घेर दिए हैं, लेकिन, तपिश ऐसी है कि टाट-प्लास्टिक की झोपड़ी तपने लग रही है। यह भी पढ़ें- गरीब बस्ती: नल-जल योजना की टंकी नहीं, चापाकल खराब इसलिए वह और उनके बच्चे दिन में खाना खाकर पेड़ की छाया में चले जाते हैं। गर्म हवा तो वहां भी सताती है, पर ...
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