गंगापार, अप्रैल 5 -- तहसील क्षेत्र के किसानों के लिए रविवार का दिन किसी आफत से कम नहीं रहा। दिनभर में दो बार हुई बरसात और ओले पड़ने से उन किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई जिन्होंने अभी कटाई शुरू ही की थी और जिनके पशुओं के खाने के भूसे और चारे खेतों और खलिहानों में पड़े थे। साढ़े तीन बजे हुई पहले दौर की बरसात और ओले कुछ ही देर तक रहे लेकिन ठीक एक घंटे बाद शाम चार बजे दोबारा हुई बारिश के बाद पड़े ओलो से धरती सफेद चादर में बदल गई। चारों तरफ हाहाकार मच गया, पशु पक्षी सभी भागने लगे। खेतों मे गेहूं और सरसों के साथ सब्जी की खेती भी जमींदोज हो गई। पिछले एक पखवाड़े से किसान न तो छिटपुट होती बरसात के कारण फसलों की कटाई कर पा रहा था न तो ठीक ढंग से मड़ाई ही। हालांकि प्रकृति के बदलते रंग के कारण अधिकतर किसानों ने किसी तरह बिना तैयार फसलों को खे...