प्रयागराज, फरवरी 25 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि मृत व्यक्ति के खिलाफ पारित डिक्री कानून में शुरू से ही शून्य है। कोर्ट ने गाजियाबाद नगर निगम से जुड़े एक मामले में ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए उसे 'शून्य' करार दिया है। अदालत ने संबंधित ट्रायल जज के आचरण पर भी गंभीर टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि यह फैसला दिनदहाड़े की गई न्यायिक हत्या के समान है। कोर्ट ने संबंधित ट्रायल कोर्ट जज के विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई के लिए मामला मुख्य न्यायाधीश को भेजने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति न्यायमूर्ति संदीप जैन ने गाजियाबाद नगर निगम की प्रथम अपील पर पारित किया है। मामले के अनुसार वादकर्ता इंद्र मोहन सचदेव ने दावा किया था कि वह आनंद इंडस्ट्रियल एस्टेट, जीटी रोड, गाजियाबाद स्थित प्लॉट संख्या 9 (नया नंबर 12/9) के मालिक हैं। उन्होंने...
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