औरैया, मार्च 31 -- औरैया, संवाददाता। जिले के फफूंद, अजीतमल, दिबियापुर समेत आसपास के कस्बों में शादी-ब्याह की परंपराओं में बदलाव साफ नजर आने लगा है। पहले जहां शादी में विदाई के समय दुल्हन पक्ष की ओर से दिए गए उपहार घर के बाहर सजाकर सार्वजनिक रूप से दिखाया जाता था, वहीं अब यह परंपरा तेजी से कम होती जा रही है। नई पीढ़ी दिखावे से दूर रहकर सादगी और निजीपन को अधिक महत्व दे रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार पहले शादी में विदाई के दौरान कपड़े, बर्तन, फर्नीचर और अन्य उपहारों को बाकायदा सजाकर रखा जाता था, जिसे देखने के लिए रिश्तेदारों और मोहल्ले के लोग जुटते थे। इसे परिवार की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन अब लोग इस परंपरा को अनावश्यक मानने लगे हैं। अजीतमल निवासी रीना देवी का कहना है कि हमने बेटी की शादी में उपहारों का कोई प्रदर्शन नहीं किया। आ...