लखनऊ, फरवरी 13 -- स्वतंत्रता संग्राम 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ जिहाद का फतवा देकर पूरे देश में आंदोलन खड़ा कर देने में बेहद अहम भूमिका निभाने वाले अल्लामा फजले हक खैराबादी पर दास्तान सुनाई गई। इस्लामिक सेंटर ऑन इंडिया में सजी महफिल में असगर मेहदी की लिखी दास्तानगोई को शहजाद रिजवी और फरजाना मेहदी ने पेश किया। ऑल इंडिया इस्लामिक सेंटर के चेयरमैन मौलाना ख़ालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता में देश के उलेमा के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हासिल करने के लिए इस्लामी विद्वान सिर पर कफन बांध कर निकल पड़े थे और अल्लामा फज़ले हक खैराबादी उनमें अग्रणी थे।
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