लखनऊ, अप्रैल 24 -- मच्छरों पर लगाम कसने के सरकारी दावे हर साल कागजों पर तो चमकते हैं, लेकिन जमीन पर हकीकत इसके उलट है। राजधानी में बीते पांच वर्षों के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि मलेरिया का संक्रमण थमने के बजाय और घातक होता जा रहा है। विश्व मलेरिया दिवस पर की गई पड़ताल में सामने आया कि मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जबकि रोकथाम के इंतजाम बेबस नजर आ रहे हैं। विश्व मलेरिया दिवस के मौके पर पड़ताल की गई तो कमोबेश कुछ ऐसी स्थिति दिखी। खतरनाक रफ्तार, 25 से 492 तक पहुंचा आंकड़ा: मलेरिया विभाग के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2020 में जहां केवल 25 मामले थे, वहीं 2024 में यह संख्या छलांग लगाकर 492 तक पहुंच गई। यह भी पढ़ें- मिलेनियम सिटी में जागरुकता और सावधानी से मलेरिया नहीं कर रहा परेशान संक्रमण की यह रफ्तार चिंताजनक है। यदि संक्रमण की यह...