नई दिल्ली, अगस्त 6 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। बीमा दावों के भुगतान में देरी को लेकर अब सरकार सख्त रुख अपनाती दिख रही है। सरकार ने दावों की प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और आसानी से भुगतान कराने के लिए कई अहम बदलाव किए हैं, जिसमें सबसे अहम प्रावधान समय पर भुगतान न करने पर बीमा कंपनियों को बैंक दर के साथ दो प्रतिशत की ब्याज दर (दंड) के साथ भुगतान करना अनिवार्य कर दिया है। वहीं, दावा खारिज करने के लिए समिति की मंजूरी जरूरी कर दी है। बीमाधारकों के दावों से संबंधित निस्तारण में आ रही दिक्कतों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में बताया कि सरकार बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण के साथ मिलकर दावों के निस्तारण पर नजर रख रही है। बीमा भरोसा पोर्टल और अन्य माध्यमों के जरिए ग्राहकों की शिकायतों और दाव...