नई दिल्ली, जुलाई 27 -- अमेरिका की रटगर्स यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का दावा खाने-पीने का समय सीमित रखने से ढलती उम्र में यादाश्त और सोचने-समझने की शक्ति को घटने से बचाया जा सकता है

अध्ययन का विवरण स्टडी न्यूट्रिशन 2026 की सालाना कॉन्फ्रेंस में पेश की गई न्यू जर्सी, एजेंसी। दिन में भोजन करने की अवधि को 8 से 9 घंटे तक सीमित करने और सोने से चार घंटे पहले कुछ नहीं खाने से बुढ़ापे में सोचने-समझने की क्षमता में गिरावट को रोकने में मदद मिलती है। एक अध्ययन में यह दावा किया गया है।

प्रतिभागियों की जानकारी अध्ययन में पाया गया कि मोटापे से जूझ रही जो बुजुर्ग महिलाएं तय समय-सीमा के भीतर भोजन करती थीं, उनकी मानसिक क्षमता लगातार खाते रहने वाली महिलाओं से बेहतर रहा। छोटे स्तर पर अध्ययन,पर बड़े संकेत अमेरिका की रटगर्स यूनिवर्सिटी की पोषण वैज्ञानिक प्रोफ...