गोंडा, अप्रैल 4 -- रुपईडीह, संवाददाता। पुरुषबली नहीं होत है, समय होत बलवान। व्यक्ति का जब खराब समय आता है। तो उसे अच्छे-अच्छे के आगे झुकने के लिए विवश होना पड़ता है। ब्राह्मण, संत गौ के सत्कार, दान पुण्य व धर्म कार्य करने से सभी संकट का नाश होता है। संतों की संगत और कथा श्रवण मात्र से व्यक्ति का सारा पाप नाश हो जाता है। यह बातें आर्यनगर में आयोजित चार दिवसीय श्री राम कथा के तीसरे दिन प्रणव पुरी जी महाराज में कथा के दौरान कहीं। स्वामी प्रणव पुरी जी महाराज ने कहा कि भगवान श्री राम के वन गमन एवं चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ के निधन पर ननिहाल में भरत को डरावने सपने आ रहे थे। इसके निवारण के लिए उन्होंने ब्राह्मणों का सत्कार व दान पुण्य किया।

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