नई दिल्ली, सितम्बर 17 -- पुराने समय में शैंपू-साबुन ज्यादा नहीं हुआ करते थे और महिलाएं बालों को साफ करने के लिए घरेलू चीजों का इस्तेमाल ज्यादा करती थीं। शायद यही वजह थी कि दादी-नानी के बाल बुढ़ापे तक घने, लंबे बने रहते थे और कम उम्र में सफेद नहीं हुए। दादी-नानी बालों में शिकाकाई और रीठा भी मिलाकर लगाया करती थीं और कहती थीं कि ये बालों के लिए जादू है। फिर इसमें आंवला भी मिलाया जाने लगा, जिससे बालों का कालापन बना रहे, लेकिन आज हम आंवला की बात नहीं करेंगे। हम आपको सिर्फ शिकाकाई और रीठा का पाउडर बालों में लगाने से क्या होता है या क्या फायदे मिलेंगे बताने जा रहे हैं। इन फायदों को सुनकर शायद आप भी शैंपू छोड़कर शिकाकाई-रीठा बालों में लगाने लग जाए।क्या है रीठा और शिकाकाई? रीठा को सोपनट या अरिठार भी कहते हैं। यह एक पेड़ का फल है जिसके छिलके में सै...