आगरा, अक्टूबर 9 -- दांतों में कुछ बदलाव इतने धीरे-धीरे आते हैं कि हमें उनका अहसास भी नहीं होता। दांतों की संवेदनशीलता को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। एमडीएस, पीएचडी, प्रोफेसर इन पब्लिक हेल्थ डेन्टिस्ट्री डॉ. सोनिया दत्ता का कहना है कि यह अक्सर इस बात का संकेत होती है कि आपके दांतों और मसूड़ों को बेहतर सुरक्षा की जरूरत है। घिसा हुआ एनामेल, प्लाक का जमाव, कैविटी या मसूड़ों का पीछे हटना दांत की अंदरूनी परतों को उजागर कर सकता है, जिससे सामान्य खाद्य पदार्थ और पेय भी असहजता का कारण बन जाते हैं। इसीलिए मौसमी उपायों के बजाय नियमित देखभाल अधिक महत्वपूर्ण है।

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