विधि संवाददाता, अप्रैल 23 -- पटना हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि दांगी और कुशवाहा दो अलग-अलग जातियां हैं। कुशवाहा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में आता है, जबकि दांगी अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) में शामिल है। कोर्ट ने कहा कि ईबीसी के लिए आरक्षित सीट पर ओबीसी समुदाय से संबंधित व्यक्ति मुखिया पद का चुनाव नहीं लड़ सकता। अदालत ने आवेदक के दावे को निराधार बताते हुए उसकी अर्जी खारिज कर दी। न्यायमूर्ति सुधीर सिंह और न्यायमूर्ति शैलेन्द्र सिंह की खंडपीठ ने पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड के बगही बघमहारपुर पंचायत के मुखिया मनोज प्रसाद की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। आवेदक वर्ष 2021 में उक्त पंचायत से मुखिया निर्वाचित हुए थे। उसी पंचायत के संतोष कुमार ने उनके निर्वाचन को चुनौती दी थी। उनका आरोप था कि अत्यंत पिछड़ा वर्ग...
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