प्रयागराज, सितम्बर 4 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दहेज हत्या के मामले में पर्याप्त साक्ष्यों और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 118 के तहत लागू वैधानिक अनुमान की अनदेखी कर आरोपी पति को जमानत देने वाले एडिशनल सेशन जज के खिलाफ जांच की सिफारिश की है। हाईकोर्ट ने पति को दी गई जमानत भी रद्द कर दी है। जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की कोर्ट ने जालौन के उरई स्थित एडिशनल सेशन जज, कोर्ट नंबर-1 द्वारा आरोपी पति को दी गई जमानत के खिलाफ दाखिल जमानत रद्द करने की अर्जी पर सुनवाई के दौरान जज पर कड़ी टिप्पणी करते हुए यह आदेश दिया है।क्या है मामला मामला वर्ष 2025 में जालौन जिले के एक थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 85 और 80(2) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं 3 और 4 के तहत दर्ज हुआ। आरोपी पति को जिला कोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी थी। हाईकोर्...