दहेज में दो मुर्रा भैंस मांगने का आरोप नहीं हुआ साबित, 15 साल बाद चार बरी
बांदा, जुलाई 24 -- बांदा। सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/त्वरित न्यायालय के न्यायाधीश शुभांशु दास की अदालत ने 15 साल पुराने दहेज उत्पीड़न, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में फैसला सुनाया है। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में पति समेत चार आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। थाना नरैनी के मुगौरा निवासी सम्पत ने वर्ष 2011 में पति रामऔतार यादव, देवर मदनपाल, सत्यनरायन, ननद फूला देवी और दो अन्य (रामपाल व श्रीपाल) के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया था। मुकदमे के दौरान दो आरोपियों (रामपाल व श्रीपाल) की मौत हो चुकी है। महिला का आरोप था कि शादी के बाद से ससुरालवाले मायके से दो मुर्रा भैंस लाने की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। यह भी पढ़ें- घटना के बाद बने कानून से नहीं हो सकती सजा : हाईकोर्ट 24 नवंबर 2010 को सास की तेरहवीं के अगले दिन आरोपियों ने दहेज की मां...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.