रुडकी, मार्च 29 -- लंढौरा में आयोजित जिलास्तरीय बैठक में दहेज प्रथा को सामाजिक बुराई बताते हुए इसे पूरी तरह खत्म करने की अपील की गई। वक्ताओं ने दहेज में खर्च होने वाले धन को बच्चों की शिक्षा पर लगाने पर जोर दिया। रविवार को मदरसा इमदादुल इस्लाम में जमीअत उलेमा ए हिंद की जिलास्तरीय बैठक आयोजित हुई। इसमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मुफ्ती रियासत अली ने कहा कि दहेज प्रथा समाज के लिए गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिससे खासकर मध्यम और गरीब वर्ग पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दहेज पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए और इस पर खर्च होने वाले पैसे से बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलानी चाहिए। मुफ्ती रियासत अली ने यह भी कहा कि यदि माता-पिता अपनी बेटियों को अपनी संपत्ति में हिस्सा देते हैं तो यह धार्मिक दृष्टि से उचित है और इसे प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
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