विकासनगर, फरवरी 25 -- अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने बुधवार को दहेज उत्पीड़न के एक मामले में निचली अदालत के फैसले को निरस्त करते हुए चार आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। मामले में करणलाल, प्रीतम सिंह लाल, मंजीत कौर और रंजीता लाल को निचली अदालत ने दोषी ठहराया था। जिसके खिलाफ दोषियों ने अपर न्यायालय में अपील की थी। जिस पर मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने फैसला सुनाते हुए चारों को दोषमुक्त कर बरी कर दिया। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष दहेज मांग और उत्पीड़न के आरोपों को ठोस साक्ष्यों से साबित नहीं कर सका। मेडिकल या स्वतंत्र गवाह भी प्रस्तुत नहीं किए गए और गवाहों के बयानों में विरोधाभास पाया गया।
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