रामपुर, अगस्त 5 -- रामपुर। दहेज की मांग, मारपीट, प्रताड़ना और घर से निकालने के आरोप थानों में पहुंचने वाली कई वैवाहिक शिकायतों में कहानी का ढांचा लगभग एक जैसा नजर आता है। शिकायत दर्ज होते ही पति के साथ सास-ससुर और देवर तक आरोपी बना दिए जाते हैं। कई मामलों में देवर और ससुर पर छेड़छाड़, दुष्कर्म जैसे बेहद गंभीर आरोप भी लगाए जाते हैं। दहेज उत्पीड़न से जुड़े मुकदमों की बढ़ती संख्या के बीच सवाल सिर्फ यह नहीं है कि पीड़ित महिला को न्याय कैसे मिले, बल्कि यह भी है कि शिकायत में लगाए गए हर आरोप की सच्चाई तक पुलिस कैसे पहुंचे। क्योंकि एक ओर वास्तविक पीड़िताओं को न्याय दिलाना जरूरी है तो दूसरी ओर जांच से पहले किसी निर्दोष को गंभीर आरोपों के बोझ तले दबने से बचाना भी उतना ही अहम है。 यह भी पढ़ें- Bulandsehar News: दहेज के लिए महिला का गला दबाकर हत्या का प्रयास...