कानपुर, मई 31 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। जाना गांव में शनिवार को खुशी का माहौल था। क्योंकि सरकारी राशन अब ग्रामीणों की दहलीज पर बंट रहा था। इससे पहले ग्रामीण सरकारी राशन लेने आठ किमी दूर जाजमऊ जाते थे। 16 किमी का चक्कर काटने से राहत मिली, तो जाना के ग्रामीणों ने एक सुर में 'हिन्दुस्तान' अखबार को थैंक्यू कहा। ग्रामीणों का कहना था कि हिन्दुस्तान की बदौलत जाना गांव को शुद्ध पेयजल और दहलीज पर राशन नसीब हुआ है। जाना गांव जबसे नगर निगम की दहलीज में आया तब से राशन की समस्या गंभीर हो गई। गांव की महिलाएं, बुजुर्ग धनाभाव के चलते आठ किमी दूर जाजमऊ पैदल जाते थे। फिर सिर पर राशन की गठरी लेकर वापस आते थे। भीषण गर्मी में सिर पर राशन की गठरी लेकर पैदल 16 किमी का चक्कर लगाने में बुजुर्गों की सांस फूल जा रही थी। ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा आपके अपने अखबार 'ह...