उरई, मार्च 27 -- उरई। मिडिल ईस्ट में चल रही जंग को करीब एक महीना होने वाला है। इससे अब ईंधन से जुड़े अधिकतर कारोबार भी धुआ देने लगे हैं। शहर के जिन होटल में गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होता था वहां अब कोयले की भट्ठियां धधक रही हैं। इससे खाद्य सामग्री के साथ साथ चाय का जायका भी बदल दिया है। शहर की स्टेशन रोड पर सबसे अधिक चाय के होटल व खाने-पीने की दुकानें हैं, जहां का धंधा अब मंदा होता जा रहा है। जंग की तपिश में आंच अब घर मकान और दुकान के अलावा बड़े प्रतिष्ठानों तक पहुंचने लगी है। काम धंधे पर असर हुआ तो कुछ प्रतिष्ठानों ने अब अपने यहां कार्यरत कर्मियों की छंटनी की तैयारी कर ली है। जहां बड़े बड़े गैस बर्नरों से व्यंजनों की सौंधी खुशबू आया करती थीं वहां अब गैस बर्नर किनारे रख दिए गए हैं या फिर कोयले की आंच से दहकने वाली भट्ठियां जलना शुरू हो गई ...
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