लखनऊ, नवम्बर 14 -- राज्य सरकार ने यूपी में किराएदारों और मकान मालिक के बीच इकरारनामे को लेकर आए दिन होने वाले विवाद को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मकान मालिक और किराएदार के बीच पंजीकृत करारनामा 10 सालों तक कराने के लिए स्टांप और रजिस्ट्री शुल्क में बड़ी राहत दी गई है। यह करानामा एक साल के लिए 500 रुपये और 10 साल का 2000 रुपये में कराया जा सकेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला हुआ। स्टांप तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने कैबिनेट फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि इस फैसले से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1908 के अनुसार एक वर्ष से अधिक अवधि वाले किरायेदारी विलेखों का पंजीकृत करारनामा अनिवार्य है। व्यवहार में अधिकांश मौखिक ...
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