लखनऊ, जनवरी 9 -- दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 12 फरवरी को एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। उन्होंने बिजली कंपनयों के निजीकरण, श्रम संहिता और विद्युत संशोधन बिल के ड्राफ्ट पर आपत्ति जताई है। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच में इंटक, एटक, सीटू, एचएमएस, एआईयूटीयूसी, सीसीटीयू, सेवा, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ, यूटीयूसी शामिल हैं। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बताया कि सभी ट्रेड यूनियन सहमत हैं कि विद्युत संशोधन बिल का ड्राफ्ट आम उपभोक्ताओं, किसानों और कर्मचारियों के हितों के विपरीत है। अगर यह बिल संसद से पास हो गया तो इसके बेहद घातक परिणाम होंगे। ऊर्जा क्षेत्र को पूरी तरह तबाह कर देगा। यूनियनों ने तय किया है कि 16 जनवरी को विद्युत संशोधन बिल और बीज बिल के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के बैन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.